बदायूँ जनमत। भले ही प्रशासन ने इस ओर ध्यान देना कम दिया हो, लेकिन जिले में कोरोना का कहर अब भी जारी है। आज रविवार 20 दिसंबर को जिले में 11 कोरोना संंक्रमित निकले हैं।
ककराला बदायूँ जनमत । हज़रत शाह सकलैन अकेडमी ऑफ इण्डिया की बेहटा डंबर नगर यूनिट की ओर जश्ने शाह शराफत और इस्लाहे मुआशरा काँफ्रेंस का आयोजन किया गया । काँफ्रेंस की सदारत हज़रत शाह सकलैन मियाँ हुजूर ने की । आगाज तिलावते कुराने मजीद से हुआ । इसके बाद शायरे इस्लाम शहंशाहे तरन्नुम हसीब रौनक सकलैनी बरेलवी ने मनकबत पेश करते हुए पढ़ा - तमाम मकसदे अर्जो बयां समझते हैं दिलों की बात शराफत मियाँ समझते हैं । बुलबुले शाह शराफत हाफिजो कारी आमिल सकलैनी ककरालवी ने पढ़ा - बूटी बूटी महक रहा है खुशबू डाली डाली है शाह शराफत के दम से ही गुलशन में हरियाली है । इसके बाद नागौर राजिस्थान से तशरीफ़ लाए खतीबे अहले सुन्नत हजरत मौलाना उवैदुल्ला खाँ कादरी नक्शबंदी मुजद्दी और हजरत अल्लामा मौलाना अहमद अल बुखारी नक्शबंदी मुजद्दी ने मुसलमानों की स्लाह की । उन्होंने सभी को नेक और सच्चे रास्ते पर चलने और अल्लाह से डरने की हिदायत दी । उन्होंने अल्लाह के बलियों से मोहब्बत करने और उनके बताये रास्ते पर चलने को कहा । सलातो सलाम के बाद काँफ्रेंस का समापन हुआ । वहीं हज़रत शाह सकलैन मियाँ हुजूर ने कौमो मिल्लत और मुल्क की तरक...
बदायूँँ जनमत। बिसौली विधानसभा से जन अधिकार पार्टी व भागीदारी परिवर्तन मोर्चा की संयुक्त प्रत्याशी रेखा चंद्रा ने क्षेत्र के कई गांव में जाकर जनसम्पर्क किया। इस दौरान श्रीमती चंद्रा को ग्रामीणों ने हाथों हाथ लिया। महिला प्रत्याशी रेखा चंद्रा ने कहा कि एआईएमआईएम मुखिया असदुद्दीन ओवैसी और जन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो बाबू सिंह कुशवाहा को समाज के दलित, मुस्लिम, पिछड़े व वंचित समाज के लोगों का अपार समर्थन मिल रहा है। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष मनोज शाक्य, अनिल शाक्य, महेन्द्र सागर, इच्छाराम, शानू ओवैसी आदि प्रमुखता से मौजूद रहे।
जनमत एक्सप्रेस । मुल्क के अन्दर जबसे bjp की सरकार आई तबसे इनके लोगों के ज़रिये मुसलमान और ईसाई के बीच घर वापसी की तहरीक चलाई जा रही, 20 करोड़ मुसलमां और 5 करोड़ ईसाईयों की घर वापसी करवाना कोई आसान काम नहीं है,, ज़्यादातर हिन्दू भाईयों का ये ज़ेहन बिलकुल भी नहीं है अगर ऐसा होता तो तबाही और बरबादी मच जाती, क्या दूसरी कौम के लोगों ने चूडियाँ पहन रखी हैं ? हमें अम्नों अमान के साथ रहना चाहिए, मौजूदा माहौल पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो आपके लिए 2019 के रास्ते आसान न होंगे, वो तो दूर की बात है अभी एक हफते के बाद के नताएज भी आपकी ज़हनियत को ठोकर मार सकते हैं इसलिय जितनी जल्दी मुमकिन हो समरस्ता और भाई चारे को लोगों के बीच हवा दीजिए। कांग्रेस को ही देख लीजिये, इनके 60 साला दौर में लगभग 20 हज़ार फसादात हुये, लाखो लोगों की जानें गईं आज क्या हालत हो गई है कार्यकर्ता तक मिलना मुशकिल है एक वही राहुल गाँधी है बाकी सब ढ़कोसला, हमने बार बार इनको चेताया था आखिर अल्लाह की मार लगी सब खत्म कोई नाम लेवा नहीं है। bjp से हमारा कोई इखतिलाफ थोडी है इनसे इकतेदार की लड़ाई भी नहीं है मतभेद केवल साम्प्रदायिकता, फिरकापरस्त...
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