मुस्लिम पर्सनल लॉ ने उसहैत में चलाई बेदारी मुहिम

उसहैत जनमत । मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अन्तर्गत जमात इस्लामी हिन्द के द्वारा चलाई जा रही मुस्लिम बेदारी मुहिम के चलते नगर में इस्लाहे माशरा जलसे
का आयोजन किया गया ।


नखासा बाजार में आयोजित जलसे की सदारत मौलाना अतीक अहमद शफीक इस्लाही ने की और आगाज जामा मस्जिद के पेश इमाम कारी अब्दुल साहब ने तिलावते कुराने मजीद से किया । हाफिज दिलशाद सकलैनी, मुफ्ती नाजिम कासमी ने नाते नबी पढी । कारी तैय्यब, मौलाना अकबर अली, मुफ्ती जफर कासमी आदि ने समाज में फैली गलत फहमियों की इस्लाहे कराई । वहीं  जलसे की सदारत कर रहे मौलाना अतीक अहमद ने तीन तलाक के मसले को विस्तार से समझाया । उन्होंने कहा कि अगर पति - पत्नी के बीच मतभेद पैदा हो जाए तो उसे हल करने का तरीका भी इस्लामी शरीअत ने बताया है । पहले पति पत्नी को अपने मतभेद आपस में हल करने की कोशिश करनी चाहिए । इसमें सफलता न मिले तो दोनों तरफ से जज नियुक्त कर दोनों तरफ से हल करने का प्रयास करना चाहिए । कोई भी इंसान सर्वगुण सम्पन्न नहीं होता, सफल वैवाहिक जीवन का मर्म यही है कि एक दूसरे की कमजोरियों को नजर अंदाज किया जाए और विशेषताओं पर ध्यान केन्द्रित किया जाना चाहिए । अगर मजबूरी में संबंध तोड़ना अनिवार्य हो जाए तो यह काम भी शरीअत के अनुसार किया जाना चाहिए । इसके बाद मुल्क व कौम की सलामती के लिए दूआ की गई । जलसे की निजामत रफीउज्जमा ने की । इस मौके पर सैय्यद शाहिद अली, हाफिज सैय्यद जुबैर अली, समशुल हसन, अबरार अंसारी, अफजाल, नाजिम अब्बासी, रियासत, हशमत अली खलीफा आदि लोग मौजूद रहे । 

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