पजावां बाली मस्जिद में तरावीह में हुआ खत्मे कुरआने पाक

उसहैत जनमत । माहे रमजान के चलते नगर की पजावां बाली मस्जिद में तरावीह के दौरान 23 वें रमजान को खत्मे कुरआने पाक हुआ । इस मौके पर महफिले मिलाद भी सजाया गया ।
नगर निवासी हाफिज सैय्यद जुबैर अली उर्फ नूर अली ने हिफ्ज कुरान के बाद पहली बार तरावीह में कुरआने पाक सुनाया । वहीं खास बातयह रही कि नगर की तमाम मस्जिदों में सबसे पहले 23 वें रमजान को ही कुरआन मुकम्मल कर दिया गया । इसके बाद मस्जिद में महफिले मालाद का दौर चला । जिसका आगाज तिलावते कुरआने मजीद से हाफिज सैय्यद जुबैर अली ने ही किया । इसके बाद मौलाना सदकत ने हम्दे बारी तआला पढी और जामा मस्जिद के पेश इमाम कारी अब्दुल सुब्हान व हाफिज दिलशाद सकलैनी ने नबी करीम सल्ल० की शान में नातें पढीं । वहीं मौलाना अकबर अली ने कुलआने की शान और उसका मुकाम बयां किया । उन्होंने कहा केवल कुरआन ही एक ऐसी किताब है जिसको अल्लाह ने न तो पहाड़ पर उतारा, न पेड पर और न ही कागज पर बल्कि कुरआन को अल्लाह ने हर मुसलमान के दिल में उतारा है । इसके साथ ही उन्होंने शबे कद्र की फजीलत भी बयां की । इस मौके पर उस्ताद हाफिज मुजफ्फर कादरी, सैय्यद शाहिद अली, सैय्यद अच्छन अली, हाफिज मंसूर कादरी, हाफिज रहीस, तैय्यब अंसारी, हशमत अली खलीफा, उस्मान फारूकी आदि लोग मौजूद रहे ।




फाइल फोटो : हाफिज सैय्यद जुबैर अली के पगडी बांधते हजरत सकलैन मियां हुजूर ।

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