अपहरण का झूठा मुकदमा लिखवाने वालों को पुलिस ने भेजा जेल

बदायूँ जनमत । 19 मार्च को अलापुर थाने पर अपहरण का एक मुकदमा सुरेंद्र सिंह पुत्र चंद्रपाल सिंह निवासी ग्राम ढाका ने अपने भाई शैलेन्द्र के अपहरण का दर्ज कराया था ।घटनास्थल उसैहत थाना क्षेत्र के गांव रिजोला का था । पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी, वहीं दूसरे ही दिन शैलेन्द्र पुत्र चंद्रपाल सिंह नाटकीय ढंग से 9:00 बजे रेशू बर्मा के भट्टा ग्राम मनसा नगला पर स्वयं चलकर आ गया तभी सूचना पर प्रभारी निरीक्षक आर पी शर्मा व जांच कर रहे चौकी इंचार्ज म्याऊं कुलदीप सिंह मौके पर पहुंच गए और शैलेन्द्र को म्याऊं सीएससी पर ले आए जहां परिजन के आने पर डॉक्टर ने बदायूं जिला अस्पताल रेफर कर दिया । उसके बाद प्रभारी निरीक्षक अलापुर व एसआई कुलदीप ने शैलेन्द्र से पूछताछ की जिसमें शैलेन्द्र ने 6 लोगों पर अपहरण करने के बयान दिए जिनमें अनु गुप्ता पुत्र रामलाल, राजेंद्र गुप्ता पुत्र रामलाल, रजनीश पुत्र रमेश नाई, निवासीगण रिजोला थाना उसैहत राम रक्षपाल पुत्र नेक्सू निवासी निवासी चेतन नगला गेंदालाल पुत्र लक्ष्मण जाटव निवासी रिजोला विपिन पुत्र रामाशंकर निवासी तिलहर जनपद शाहजहांपुर द्वारा अपहरण करना बताया गया ।
प्रभारी निरीक्षक आर पी शर्मा ने  बताया की अपहरण का पूरा मामला फर्जी था शैलेन्द्र चूकि भैंस व्यापारी था और भैंस बेच कर उनसे रुपए ले लेता था । जब भैंस पूरा दूध नहीं देती तो बेचकर रुपए वापस करने की बात पर भैंस वापस ले आता था इस पर इन लोगों का पैसा था जिसको हजम करने के लिए शैलेन्द्र ने अपहरण का नाटक तैयार किया था । संपूर्ण सच्चाई पता चलने पर थाना पर पंजीकृत 364 का मुकदमा समाप्त किया गया तथा सुरेन्द्र सिंह व शैलेन्द्र को धारा 192/193/195  में चालान कर आज जेल भेजा गया ।




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