चौथे दिन भी जारी रहा हुज़ूर ताजुश्शरिया को इसाले सबाब का सिलसिला

बदायूँ जनमत । नबीरे आला हज़रत बरेलवियों की आन बान और शान हुज़ूर ताजुश्शरिया मुफ्ती अख्तर रज़ा खाँ उर्फ अज़हरी मियाँ के दुनियाँ से पर्दा करने के चौथे दिन भी इसाले सबाब का सिलसिला जारी है । उनके मुरीद और चाहने बाले सेम, फात्हाँख्वानी, कुरानख्वानी और लंगरदारी करके हज़रत ताजुश्शरिया के लिए इसाले सबाब लगातार भेज रहे हैं और अपने रब से अनके दर्जारात बुलंद फरमाने की दुआ माँग रहे हैं ।
आपको बता दें कि 20 जुलाई 2018 दिन जुमा के वक्ते मगरिब को हज़रत ताजुश्शरिया ने इस दुनियां को अलविदा कह दिया और हमेशा हमेशा के लिए अपने खुदा से जा मिले । मुसलमानों का मानना है कि उनके पर्दा करने से सुन्नियत को बहुत बड़ा झटका मिला है । हमने सिर्फ एक पीर ही नहीं बल्कि सुन्नियत की शान और जान को भी खो दिया ।
हज़रत ताजुश्शरिया ने शुक्रवार (जुमा) को इस दुनियाँ से पर्दा फरमाया इसकी खबर मिलते ही और आज (मंगलवार) चौथे दिन तक आपके मुरीद और चाहने बाले आपके लिए लगातार इसाले सबाब भेज रहे हैं । इसी सिलसिले में आज कस्बा सैदपुर की कई मस्जिदों और नूरी रज़ा कालेज में तीजा व फात्हाँख्वानी और कुरानख्वानी का दौर चला । वहीं कस्बा अलापुर की जामा मस्जिद और कस्बा उसहैत के पजावां बाली मस्जिद कस्बा सहसवान के चमनपुर स्थित खानकाह में सज्जादानशीन ख्वाजा अब्दुल हमीद द्वारा तीजा (सेम) का आयोजन कराया गया । इसके अलावा मुसलमानों ने अपने घरों में कुरानख्वानी और फात्हाँख्वानी करके हज़रत ताजुश्शरिया के लिए इसाले सबाब भेजा और अल्लाह से उनके दर्जारात को बुलंद करने की दुआ माँगी । आपको बता दें कि हज़रत के लिए इसाले सबाब का सिलसिला सिर्फ बरेली या हिन्दुस्तान ही नहीं बल्कि दुनियाँभर में फैले आपके मुरीदैन द्वारा जारी किया जा रहा है ।






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