ककराला के हामिद अली ने साम्प्रदायिक ताकतों को दिखाया आईना, हिन्दू बहन से बांधवाई 23 वीं राखी

ककराला जनमत । देश और प्रदेश में भले ही फिरकापरस्त ताकतें देश को साम्प्रदायिकता कि आग में झोकने का भरषक प्रयास कर रहे हों मगर मुस्लिम समाज में आज भी ऐसे लोग भी हैं जो दोनों ही समुदाय के लिए सम्प्रदायिक सौहार्द का आईना हैं । मुस्लिम होते हुए भी एक शख्स ने हिन्दू समाज कि धर्म बहन से एक बार नहीं इस साल 23 वीं बार राखी बंधवाई, इस परम्परा को निभाने कि दोनों भाई बहन ने कसम खाई इस बार भी ऐसा ही हुआ । गैर हिन्दू होते हुए भी मुस्लिम भाई ने राखी बंधवाकर वर्षों पुराने इस रिश्ते को आगे बढाया ।
ककराला के वार्ड 20 के निवासी हामिद अली खां राजपूत उर्फ़ मामू भाई बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व पर अपनी धर्म बहन वेदामऊ वैदिक विद्यापीठ के संस्थापक आचार्य वेदव्रत आर्य कि धर्म पत्नी रामबेटी आर्य के यहाँ राखी बंधवाते हुए उन्होंने इस साल 23 वीं बार राखी बंधवाई । बहन ने राखी बांधते हुए भाई का मुंह मीठा किया और भाई ने बहन को उपहार भेंट किये । मामू ने कहा कि ये रिश्ता आज का नहीं है दो दशक होने को हैं वो बहन के यहाँ सभी सादियों में भी भाई होने कि सभी रस्में पूरी करते हैं बहन भी ऐसी है कि वो इस धर्म भाई के हाथ में सबसे पहले राखी बांधती हैं हामिद अली खां राजपूत ने बताया कि शुरुआत में कलाई में राखी देख उनके समुदाय के लोग हँसा करते थे मगर उन्होंने किसी कि भी बात को अपने पे लागू नहीं किया कहते हैं कि यदि भाईचारा कायम रखना है तो हमें एक दुसरे के त्योहारों में शामिल होकर मेल मिलाओ बढ़ाना होगा रही बात भाई बहन की तो वह जब तक जीवित हैं तब तक अटूट रिश्ता कायम रहेगा अगर भाई को दिक्कत हो तो बहन सहायता कि सीढ़ी बनती है और बहन कि पुकार मिलती तो भाई किसी भी वक्त हाजिर हैं । राजपूत ने कहा कि भाईचारे को और मजबूत करने कि जरूरत है दकियानूसी मिटाने को शिक्षित समाज के लोगों को आगे आना होगा ।
धर्म की हिंदू बहन से राखी बांधवाते हुए हामिद अली खाँ राजपूत : जनमत एक्सप्रेस ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

उसहैत में लगी भीषण आग, झोपडी़नुमा 23 घर जलकर हुए राख, प्रशासन के फूले हाथपांव - Janmat Express

बिसौली विधानसभा में भागीदारी परिवर्तन मोर्चा की संयुक्त प्रत्याशी रेखा चंद्रा ने गांवों में किया जनसंपर्क

पढें मौलाना अरशद मदनी की तकरीर का वो हिस्सा जिससे बबाल खडा हो गया