जयंती : नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने सर्वप्रथम महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहकर सम्बोधित किया - ओंमकार

बदायूँ जनमत । नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की 123वी जयंती के अवसर पर कांग्रेस ने जोगीपुरा स्थित जिला कार्यालय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया । कार्यक्रम का संचालन रीजनल कॉर्डिनेटर रिसर्च विभाग गौरव सिंह राठौर ने किया ने किया । इस दौरान यूपी कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव ओमकार सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व त्याग कर दिया और आजादी की लड़ाई में कूद पड़े । उन्होंने कहा उनकी सबसे बड़ी खूबसूरती थी कि उन्होने समाज के सभी वर्ग के लोगों को जोड़कर आजाद हिन्द फौज को गठित किया और वह पंडित नेहरू, महात्मा गांधी का इतना सम्मान करते थे कि उनके नाम से अपनी सेना के अन्दर ब्रिगेड भी बनायी थी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने ही सर्वप्रथम महात्मा गांधी जी को राष्ट्रपिता कहकर सम्बोधित किया था । परन्तु दुर्भाग्यपूर्ण है कि वर्तमान समय की भाजपा सरकार शहीदों की बात तो बहुत करती है लेकिन हकीकत यह है कि यहीं भाजपा भारत के वीर सपूतों का अपमान करती है । युवा कांग्रेस अध्यक्ष शफ़ी अहमद ने कहा कि देश के अन्दर दो विचारधाराएं चल रही हैं एक गांधी जी की विचारधारा है जिस पर चलते हुए नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने आजादी की लड़ाई को मजबूत किया और दूसरी विचारधारा बांटने वाले आरएसएस की है जिन्होने उन्माद फैलाकर भीड़तन्त्र की राजनीति की है । जिससे देश का लोकतन्त्र कमजोर होता जा रहा है ।
इस अवसर पर पीसीसी सदस्य सुरेश सिंह राठौर, पूर्व जिला महासचिव वीरपाल यादव, विचार विभाग उपाध्यक्ष लाल मियाँ चौधरी, युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष बब्बू चौधरी, युवा कांग्रेस महासचिव प्रीति यादव, छात्र कांग्रेस नेता अरबाज़ रज़ी, जमशेद तुर्क, अमन खान, आदि कांग्रेसजन मौजूद रहे ।
नेता जी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए कांग्रेसी : जनमत एक्सप्रेस न्यूज । 9997667313

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बिसौली विधानसभा में भागीदारी परिवर्तन मोर्चा की संयुक्त प्रत्याशी रेखा चंद्रा ने गांवों में किया जनसंपर्क

उसहैत में लगी भीषण आग, झोपडी़नुमा 23 घर जलकर हुए राख, प्रशासन के फूले हाथपांव - Janmat Express

पढें मौलाना अरशद मदनी की तकरीर का वो हिस्सा जिससे बबाल खडा हो गया