बदायूँ जनमत। उसहैत क्षेत्र के गांव रैपुरा-कदमनगला में सिरोजा देवी पत्नी गेंदन के घर में अचानक लगी आग से 23 झोपड़ी नुमा घर जलकर राख हो गए। जिसमें तीस लाख रुपये से अधिक का अनुमान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सूचना पर पहुंचे एसआई सोवीर सिंह और कानूनगो कुतुबुद्दीन ने गांव में रुककर अग्नि पीड़ित परिवारों की सूची बनाई है। पुलिस ने बताया कि अचानक लगी आग ने एकदम बिकराल रूप धारण कर लिया और जब तक चीख पुकार सुनकर ग्रामीण दौडे और आग बुझाने का प्रयास किया तब तक रामनाथ, कलावती, ईश्वर वती, लटूरी, लडैते, नन्हे लाल, दयाराम, देवसिंह, हरविंद्र, जरबन, आशाराम, राकेश, फकीरे लाल, शिवराज, रामजीत, श्रीराम, दिनेश, कमलेश, जबरसिंह, शिवदयाल, राजवीर सिंह, बलवीर, कुंवरसेन, आदि घरों को जला चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव गंगा पार होने के कारण अग्नि शमन विभाग की गाड़ी नहीं आ सकी और लगभग पूरा गांव ही आग की भेंट चढ़ गया। अग्नि पीडित परिवारों में केवल तन के पहने हुए कपडे ही बचे हैं, बाकी सब आग ने निगल लिया है। तहसील प्रशासन ने फौरी तौर पर अग्नि पीडितों को भोजन की व्यवस्था की है और अहेतुक सहायता के लिए सूची रात में ह...
बदायूँँ जनमत। बिसौली विधानसभा से जन अधिकार पार्टी व भागीदारी परिवर्तन मोर्चा की संयुक्त प्रत्याशी रेखा चंद्रा ने क्षेत्र के कई गांव में जाकर जनसम्पर्क किया। इस दौरान श्रीमती चंद्रा को ग्रामीणों ने हाथों हाथ लिया। महिला प्रत्याशी रेखा चंद्रा ने कहा कि एआईएमआईएम मुखिया असदुद्दीन ओवैसी और जन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो बाबू सिंह कुशवाहा को समाज के दलित, मुस्लिम, पिछड़े व वंचित समाज के लोगों का अपार समर्थन मिल रहा है। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष मनोज शाक्य, अनिल शाक्य, महेन्द्र सागर, इच्छाराम, शानू ओवैसी आदि प्रमुखता से मौजूद रहे।
जनमत एक्सप्रेस । मुल्क के अन्दर जबसे bjp की सरकार आई तबसे इनके लोगों के ज़रिये मुसलमान और ईसाई के बीच घर वापसी की तहरीक चलाई जा रही, 20 करोड़ मुसलमां और 5 करोड़ ईसाईयों की घर वापसी करवाना कोई आसान काम नहीं है,, ज़्यादातर हिन्दू भाईयों का ये ज़ेहन बिलकुल भी नहीं है अगर ऐसा होता तो तबाही और बरबादी मच जाती, क्या दूसरी कौम के लोगों ने चूडियाँ पहन रखी हैं ? हमें अम्नों अमान के साथ रहना चाहिए, मौजूदा माहौल पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो आपके लिए 2019 के रास्ते आसान न होंगे, वो तो दूर की बात है अभी एक हफते के बाद के नताएज भी आपकी ज़हनियत को ठोकर मार सकते हैं इसलिय जितनी जल्दी मुमकिन हो समरस्ता और भाई चारे को लोगों के बीच हवा दीजिए। कांग्रेस को ही देख लीजिये, इनके 60 साला दौर में लगभग 20 हज़ार फसादात हुये, लाखो लोगों की जानें गईं आज क्या हालत हो गई है कार्यकर्ता तक मिलना मुशकिल है एक वही राहुल गाँधी है बाकी सब ढ़कोसला, हमने बार बार इनको चेताया था आखिर अल्लाह की मार लगी सब खत्म कोई नाम लेवा नहीं है। bjp से हमारा कोई इखतिलाफ थोडी है इनसे इकतेदार की लड़ाई भी नहीं है मतभेद केवल साम्प्रदायिकता, फिरकापरस्त...
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