बदायूॅं जनमत। खेत पर जाते समय पिता पर गोलियां बरसाकर हत्या करने वाले आरोपी बेटे सचिन को पकड़ लिया गया है। उसकी निशानदेही पर दो तमंचे भी बरामद कर लिए हैं। पूछताछ में सचिन ने अपने पिता से जमीन और रुपयों का विवाद बताया। उसका कहना है कि वह ट्यूबवेल पर दो तमंचे लेकर पहुंचा था। उसने एक-एक करके अपने पिता को गोली मारी थी और उनकी बाइक लेकर भाग गया था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। थाना उघैती के गांव शरह बरौलिया में 19 नवंबर रविवार को किसान सुभाष शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चचेरे भाई प्रत्यक्षदर्शी मुनेश शर्मा का कहना था कि सुभाष घर से खाना खाकर अपने ट्यूबवेल पर चले गए थे। तभी उनके भतीजे सचिन ने रास्ते में अपने पिता सुभाष को घेरकर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। इस दौरान गांव के चार और लोग भी मौजूद थे। वो भी सुभाष की हत्या में शामिल थे। पांच लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी रिपोर्ट... मुनेश ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। सचिन घटना के बाद से फरार था। सह आरोपी भी गांव में नहीं थे। पुलिस दबिश देने का दावा कर रही थी, जबकि सचिन लगातार अपने पिता के नजदीकियों को कॉल करके धमकी दे...
बदायूँ जनमत। उसहैत क्षेत्र के गांव रैपुरा-कदमनगला में सिरोजा देवी पत्नी गेंदन के घर में अचानक लगी आग से 23 झोपड़ी नुमा घर जलकर राख हो गए। जिसमें तीस लाख रुपये से अधिक का अनुमान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सूचना पर पहुंचे एसआई सोवीर सिंह और कानूनगो कुतुबुद्दीन ने गांव में रुककर अग्नि पीड़ित परिवारों की सूची बनाई है। पुलिस ने बताया कि अचानक लगी आग ने एकदम बिकराल रूप धारण कर लिया और जब तक चीख पुकार सुनकर ग्रामीण दौडे और आग बुझाने का प्रयास किया तब तक रामनाथ, कलावती, ईश्वर वती, लटूरी, लडैते, नन्हे लाल, दयाराम, देवसिंह, हरविंद्र, जरबन, आशाराम, राकेश, फकीरे लाल, शिवराज, रामजीत, श्रीराम, दिनेश, कमलेश, जबरसिंह, शिवदयाल, राजवीर सिंह, बलवीर, कुंवरसेन, आदि घरों को जला चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव गंगा पार होने के कारण अग्नि शमन विभाग की गाड़ी नहीं आ सकी और लगभग पूरा गांव ही आग की भेंट चढ़ गया। अग्नि पीडित परिवारों में केवल तन के पहने हुए कपडे ही बचे हैं, बाकी सब आग ने निगल लिया है। तहसील प्रशासन ने फौरी तौर पर अग्नि पीडितों को भोजन की व्यवस्था की है और अहेतुक सहायता के लिए सूची रात में ह...
जनमत एक्सप्रेस । बदायूँ के कस्बा ककराला में शरियत बचाओ काँफ्रेंस का आयोजन हुआ । जिसकी सदारत हजरत शाह सकलैन मियाँ हुजूर ने की और मेहमाने खुशूशी अॉल इण्डिया उलमा मशायख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष औलादे गौसे आजम हजरत अशरफ मियाँ किछौछवी रहे । काँफ्रेंस में नगर व क्षेत्र के तमाम उलमा और इमामों ने शिरकत कर अपने अपने ख्यालात पेश किए । खास बात यह रही कि हजारों की तादात में मुस्लिम युवकों के अलावा औरतों ने भी काँफ्रेस में हिस्सा लिया । उलमा बोर्ड के सदरे मोहतरम ने कहा कि सरकार हमारी शरियत के साथ खिलबाड कर रही जो किसी भी सूरत में बरदाश्त नहीं किया जाएगा । अभी हम जलसों के जरिए सरकार को केवल चुनौती दे रहे हैं अगर इन सियासतदाओं अपनी हरकत बंद की तो हम हुसैन के दीवाने अपने सर देने को तैयार हैं । उन्होंने कहा कि आगामी 1 दिसम्बर को बरेली और 4 दिसम्बर को लखनऊ में भी शरियत बचाओ काँफ्रेंस का आयोजन होने जा रहा है । वहीं सकलैन मियाँ ने काँफ्रेंस में मौजूद तमाम मुसलमानों से यह करार भी कराया कि वो अपने तलाक जैसे मसलों को लेकर अदालत न जाएं बल्कि उलमाओं से मश्विरा लेकर अपनी जिन्दगी सही तरीके से गुजारें । साथ ...
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