कोरोना की मार : मुस्लिम इतिहास में पहली बार घरों में अदा हुई ईद की नमाज़ - Janmat Express

बदायूँ जनमत। कोरोना महामारी के चलते मुुुस्लिम समुुुदाय ने पहली बार ईद उल फितर की नमाज़ घरों में अदा की है। वहीं लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए मस्जिदों में इमाम द्वारा केबल तीन से पांच व्यक्तियों केे साथ ईद की नमाज अदा कर मुल्क की सलामती को दुआएं की गई। 
पुलिस प्रशासन भी मस्जिदों एवं ईदगाह पर मुस्तैद रहा। इस बीच लोगों ने कहा कि इस महामारी के चलते ईद का पर्व घर पर ही रह कर मनाएंगे साथ ही लॉकडाउन एवं प्रशासन का सहयोग करेंगे। मुसलमानों ने ईद उल फितर की नमाज अदा कर मुल्क से कोरोना महामारी के खात्मे की दुआए की। बताते चलें इस समय पूरा देश कोरोना महामारी के संकट से जूझ रहा है। वही लोग इससे बचने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इससे बचाव के लिए देश में लॉकडाउन भी लगाया गया है। आज ईद उल फितर का पर्व भी लॉकडाउन का पालन करते हुए मनाया गया है। बदायूं शहर सहित बिसौली, सैदपुर, वज़ीरगंज, बिल्सी, उझानी, इस्लामनगर, सहसवान, ककराला, उसहैत, दातागंज, अलापुर आदि सभी कस्बों में लोगों ने अपने अपने घरों पर ही ईद उल फितर की नमाज अदा की और मुल्क की सलामती को दुआएं की गई । बता दे पुलिस प्रशासन ने भी काफी सतर्कता बरतते हुए फ्लैग मार्च कर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने को अपील की एवं मस्जिदों और ईदगाह पर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा।
अपने घर पर ईद की नमाज़ अदा करते हुए मुस्लिम समुदाय के लोग : जनमत एक्सप्रेस न्यूज़। 9997667313

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जश्ने शाह शराफत : तीन तलाक और परिवार विवाद से बचे मुसलमान - सकलैन मियाँ हुजूर

बिसौली विधानसभा में भागीदारी परिवर्तन मोर्चा की संयुक्त प्रत्याशी रेखा चंद्रा ने गांवों में किया जनसंपर्क

पढें मौलाना अरशद मदनी की तकरीर का वो हिस्सा जिससे बबाल खडा हो गया